


नाग दीपावली में नाग देव की पूजा से कराए कालसर्प दोष का निवारण
अवंतिका नगरी, उज्जैन
(28th November 2022)
पौराणिक मान्यता
मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को नाग दीवाली मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार नागों को पातललोक का स्वामी माना जाता है,इसी तिथि पर इनके पूजन से कालसर्प दोष का निवारण होता है।
कालसर्प दोष किया है
जब किसी कुंडली में राहु और केतु ग्रह के बीच में बाकी सारे ग्रह आ जाते है तब कालसर्प दोष बनता है।
कालसर्प दोष से ग्रसित कुंडली को बिभिन्य प्रकार समस्या का सामना करना पड़ता है, जैसे की
🚩हर कार्य का आखरी समय पर ना होना
🚩 विवाह में देरी,दांपत्य जीवन में असहजता
🚩नौकरी तथा बेपार में कठिनाई का सामना
🚩आकस्मिक दुर्घटना
🚩गृह में हमेशा अशांति
कालसर्प दोष निवारण पूजा
नाग दीपावली पर हमारे पंडितजी के द्वारा विधिवत सर्प सुक्त मंत्र तथा वैदिक रीति से कालसर्प दोष निवारण का पूजा कराया जायेगा, जिसमे आप के नाम गोत्र उच्चारण करके चांदी से निर्मित नाग और नागिन जोड़े को पूजा करके नदी में प्रवाह किया जायेगा।
ये अनुष्ठान महाकाल नगरी उज्जैन में होगा, जो कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

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