सावन सिद्ध रुद्राभिषेक

सावन सिद्ध रुद्राभिषेक

4,100.00

सावन मास · सिद्ध रुद्राभिषेक

घर बैठे जुड़ें उज्जैन के श्री गीतेश्वर महादेव मंदिर की ऑनलाइन पूजा से

प्रसाद स्वरूप सीधे आपके घर आएगी बाबा गीतेश्वर महादेव की सिद्ध एवं असली रुद्राक्ष माला — गवर्नमेंट लैब सर्टिफाइड, गले में धारण करने योग्य।

अनुष्ठान अवधि 30 जुलाई – 28 अगस्त 2026
सेवा दक्षिणा ₹ 4,100
8 वर्षों से निरंतर उज्जैन में प्रतिदिन रुद्राभिषेक परंपरा
जब रास्ते बंद लगते हैं

व्यापार में ठहराव, सिर पर कर्ज, विवाह में देरी — क्या आपकी भी यही पीड़ा है?

जब जीवन में चारों तरफ से परेशानियां घेर लेती हैं, तो इंसान का सबसे पहला भरोसा डगमगाता है। लोग दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन व्यापार अचानक ठप हो जाता है। सिर पर कर्ज का ऐसा पहाड़ टूटता है कि रातों की नींद गायब हो जाती है।

वहीं दूसरी तरफ, उम्र निकलती जा रही है लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी विवाह के योग नहीं बन रहे; कहीं बात पक्की होती है तो आखिरी वक्त पर टूट जाती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब शनि की साढ़ेसाती, राहु-केतु का जाल या भारी कालसर्प दोष कुंडली को जकड़ लेता है, तो इंसान चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पाता।

लेकिन रुकिए — महाकाल की परम पावन नगरी उज्जैन से सीधे महादेव का आशीर्वाद इस सावन आपके घर पहुँचने वाला है।

8 वर्षों से सावन के
प्रत्येक दिन निरंतर
रुद्राभिषेक
हमारी कहानी नहीं, महाकाल का संकल्प

यह तो स्वयं महादेव की कृपा की कहानी है

"हमने नहीं, महादेव ने इसे जीवित रखा है!"

जब लोग उज्जैन के इस पावन अनुष्ठान के चमत्कारों को देखते हैं, तो अक्सर पूछते हैं कि यह कैसे संभव हुआ। वक्त के साथ न जाने कितनी चीजें बदलीं, पर बाबा के चरणों में समर्पण का यह नियम कभी नहीं थमा। सावन के इस पावन महीने में, बाबा की इस अटूट परंपरा का हिस्सा आप भी बनिए।

पौराणिक कथा

रुद्राभिषेक का महत्व — समुद्र मंथन की कथा

"रुद्र" का अर्थ है — जो आपके सारे दुखों को हमेशा के लिए खत्म कर दे।

नीलकंठ की कथा

समुद्र मंथन से निकले महाविनाशकारी 'हलाहल विष' से सृष्टि को बचाने के लिए महादेव ने उसे अपने कंठ में समाहित कर लिया। विष की अग्नि से उनका कंठ नीला पड़ गया, जिससे वे नीलकंठ कहलाए।

जल और दूध का अभिषेक

महादेव की जलन शांत करने के लिए देवताओं ने शीतल जल, कच्चा दूध और दिव्य जड़ी-बूटियां अर्पित कीं। आज जब आप अभिषेक करते हैं, तो आशुतोष महादेव आपके जीवन का सारा 'विष' स्वयं पी लेते हैं और अमृत जैसा सुख प्रदान करते हैं।

शिव पुराण के अनुसार

आपकी समस्या के लिए सही द्रव्य से अभिषेक

रुद्राभिषेक का पूरा लाभ तभी मिलता है जब समस्या के अनुसार सही पवित्र द्रव्य का चयन हो।

दू

कच्चा दूध — संतान सुख और दीर्घायु

वंश वृद्धि रुकी हो या कोई लंबे समय से अस्वस्थ हो, तो कच्चे दूध से अभिषेक कुंडली के आयु दोष को मिटाता है।

गं

शुद्ध गंगाजल — अशांत मन और विवाह बाधाएं

मन अशांत रहता हो, डिप्रेशन या विवाह में देरी हो, तो गंगाजल कुंडली के मांगलिक और राहु दोषों को शांत करता है।

शुद्ध शहद — कर्ज के दलदल से आजादी

सिर पर कर्ज का भारी बोझ हो, व्यापार ठप हो, तो शहद से अभिषेक महाकाल धन के बंद रास्ते खोल देते हैं।

गन्ने का रस — दरिद्रता का समूल नाश

तंगी और कंगाली से जूझ रहे लोगों के लिए गन्ने के रस से अभिषेक से घर में लक्ष्मी का वास होता है।

घी

गाय का शुद्ध घी — पारिवारिक कलह से मुक्ति

घर में रोज़ क्लेश होता हो, पति-पत्नी में प्रेम खत्म हो चुका हो, वहां घी से अभिषेक पर सुख-शांति लौट आती है।

गुप्त एवं प्रामाणिक विधि

गीतेश्वर महादेव मंदिर में पूर्ण वैदिक रुद्राभिषेक

कई लोग ऑनलाइन पूजा के नाम पर सिर्फ एक छोटा सा मंत्र पढ़कर छोड़ देते हैं — हमारी 8 साल पुरानी परंपरा में शास्त्रों में वर्णित पूर्ण वैदिक विधि अपनाई जाती है।

हर भक्त का व्यक्तिगत संकल्प

विद्वान पंडित जी हर एक यजमान के नाम और गोत्र से अलग संकल्प लेते हैं। हाथ में अक्षत-जल लेकर आपकी विशिष्ट समस्या महादेव के सामने जोर से बोली जाती है।

रुद्राष्टाध्यायी का पाठ

शिव जी को प्रसन्न करने के लिए यजुर्वेद के अंतर्गत आने वाले 'रुद्राष्टाध्यायी' के आठ अध्यायों का पाठ किया जाता है।

नमक-चमक पाठ

अभिषेक के दौरान 'चमक पाठ' किया जाता है, जिसमें सुख, समृद्धि, धन और आरोग्य की ग्यारह विशिष्ट प्रार्थनाएं की जाती हैं।

द्रव्य अर्पण और महाआरती

ग्यारह रुद्रों के आह्वान के बाद दूध, दही, शहद, घी से क्रमिक अभिषेक होता है, फिर बेलपत्र, धतूरा, भस्म चढ़ाकर महाआरती संपन्न होती है।

महाप्रसाद का असली विज्ञान

गले में धारण करने योग्य ओरिजिनल रुद्राक्ष माला

हम दूसरों की तरह सिर्फ दिखावे के लिए कोई छोटी या लकड़ी की माला नहीं भेजते।

108

108 मनकों की सिद्ध कण्ठी माला

प्रसाद में 108 मनकों वाली ओरिजिनल रुद्राक्ष की कण्ठी माला, गले में स्थाई रूप से धारण करने हेतु विशेष रूप से तैयार।

गवर्नमेंट अप्रूव्ड लैब सर्टिफिकेट

हमारी माला शत-प्रतिशत असली है, इसका प्रमाण ISO सर्टिफाइड गवर्नमेंट अप्रूव्ड लैबोरेट्री कार्ड से मिलेगा।

तनाव और ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण

असली रुद्राक्ष की इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक प्रॉपर्टीज ब्लड सर्कुलेशन और मानसिक तनाव को नियंत्रित करती हैं।

सुरक्षा कवच

साक्षात शिव का रूप माना गया — राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव, नजर दोष और विवाह की बाधाएं जड़ से खत्म होती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आपके मन के हर सवाल का जवाब

सावन 2026 में रुद्राभिषेक का सबसे उत्तम मुहूर्त कब है?+

सावन का पूरा महीना ही शिव जी का है। सावन के सोमवार (3, 10, 17, 24 अगस्त) और प्रदोष व्रत के दिन सबसे उत्तम माने जाते हैं। मंदिर में पूरे 30 दिन यह अनुष्ठान निरंतर चलता है।

इंटरनेट पर बहुत से लोग ऑनलाइन पूजा करवा रहे हैं, आप अलग क्यों हैं?+

हमारा सबसे बड़ा अंतर 8 साल की अटूट साख, हर यजमान का व्यक्तिगत नाम-गोत्र से संकल्प और शत-प्रतिशत पारदर्शिता है। हमारी गले की 108 मनकों की 5-मुखी रुद्राक्ष माला गवर्नमेंट लैब टेस्टेड और सर्टिफाइड होती है।

मुझे कैसे पता चलेगा कि पूजा सच में मेरे नाम से हुई?+

आपकी पूजा के संकल्प का विशेष वीडियो, जिसमें पंडित जी आपका नाम और गोत्र स्पष्ट बोल रहे होंगे, सीधे आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।

क्या मैं पूरी पूजा देख पाऊंगा?+

हाँ। संकल्प का पर्सनल वीडियो WhatsApp पर मिलने के बाद, मुख्य महापूजा का पूरा वीडियो हमारे YouTube चैनल पर भी अपलोड किया जाएगा, जिसे आपका पूरा परिवार कभी भी देख सकता है।

मैं उज्जैन नहीं आ सकता, तो क्या मुझे फल मिलेगा?+

शास्त्रों में 'प्रतिनिधि पूजा' का विधान है। जब पंडित जी उज्जैन की पवित्र भूमि पर आपके नाम का संकल्प छोड़ते हैं, तो पूजा की पूरी आध्यात्मिक ऊर्जा ब्रह्मांडीय तरंगों के जरिए सीधे आप तक पहुँचती है।

मुझे अपना गोत्र नहीं पता, तो क्या मैं बुकिंग कर सकता हूँ?+

हाँ, बिल्कुल। अगर गोत्र नहीं पता, तो शास्त्रों के अनुसार आदि गोत्र यानी 'कश्यप गोत्र' या आपके नाम के नक्षत्र के आधार पर पंडित जी संकल्प पूर्ण करते हैं।

क्या यह पूजा मेरे परिवार के सभी सदस्यों के लिए काम करेगी?+

संकल्प मुख्य रूप से यजमान के नाम से होता है, लेकिन पंडित जी आपके पूरे परिवार के कल्याण, व्यापार वृद्धि और विवाह की बाधाएं दूर करने की प्रार्थना भी करते हैं।

रुद्राक्ष की माला पहनने के क्या नियम हैं?+

यह माला पूरी तरह सिद्ध करके भेजी जाती है। आप इसे सीधे गले में पहन सकते हैं। बस तामसिक भोजन या अशुद्ध अवस्था में इसे उतारकर घर के मंदिर में पवित्र स्थान पर रख दें।

क्या सावन में बुकिंग के लिए सीटों की कोई सीमा है?+

महादेव का दरबार सबके लिए खुला है, लेकिन वैदिक शुद्धता और संकल्पों के सही नियोजन के लिए एक निश्चित समय तक ही बुकिंग ली जाएगी, उसके बाद बुकिंग बंद कर दी जाएगी। आखिरी तारीख का इंतजार न करें।

₹4100 की दक्षिणा में क्या-क्या शामिल है?+

संपूर्ण पवित्र पूजन सामग्री, रुद्राष्टाध्यायी एवं नमक-चमक पाठ, उज्जैन के विद्वान ब्राह्मणों की दक्षिणा, संकल्प वीडियो, यूट्यूब महापूजा वीडियो, लैब सर्टिफाइड 5-मुखी गले की रुद्राक्ष माला और घर तक का कूरियर खर्च — सब कुछ शामिल है।

समय सीमित है

महाकाल का बुलावा स्वीकार करें

व्यापार की तंगी दूर करनी हो या विवाह की बाधाओं को हमेशा के लिए भस्म करना हो — निश्चित समय सीमा समाप्त होने से पहले अपनी सीट सुरक्षित करें। इसके बाद व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुकिंग बंद कर दी जाएगी।

₹ 4,100
सामूहिक रुद्राभिषेक
सेवा दक्षिणा
अनुष्ठान अवधि:
30 जुलाई – 28 अगस्त 2026

हर-हर महादेव! आज ही अपनी आस्था का संकल्प लें।