- 📍 पवित्र शिप्रा घाट, उज्जैन
- 🗓️ पितृपक्ष
पितरों के निमित्त एक संकल्प
🛕 क्या आपके पूर्वज इस पितृपक्ष भी भूखे लौट जाएंगे?
उज्जैन के शिप्रा घाट पर, अपने पितरों की सटीक तिथि पर करवाएं 100% व्यक्तिगत श्राद्ध तर्पण और 3 ब्राह्मणों को भोजन
₹2,500.00
- 🕉️🙏 2800+ श्रद्धालु इस पूजा में शामिल हो चुके हैं
मेहनत बहुत करते हैं, फिर भी काम अटक जाते हैं?
कभी-कभी हम अपनी जिंदगी में पूरी जान लगा देते हैं, लेकिन घर में अशांति, बरकत की कमी या बीमारियाँ पीछा नहीं छोड़तीं। हमारे शास्त्रों में लिखा हैअगर पूर्वज अतृप्त हैं, तो हमारी हर पूजा और मेहनत निष्फल हो जाती है। पितृपक्ष साल का वो इकलौता समय है जब हमारे पूर्वज हमारे हाथ से जल लेने धरती पर आते हैं। और वे किसी भी दिन नहीं आते! वे सिर्फ और सिर्फ अपनी मृत्यु की तिथि पर ही आपका रास्ता देखते हैं।
तिथि ही क्यों है
सोचिए, अगर मेहमान आज आने वाले हों और आप उनके लिए पलकें कल बिछाएं, तो क्या वो खुश होंगे? बिल्कुल नहीं। पितरों के साथ भी ऐसा ही है। सही तिथि पर किया गया तर्पण ही उन्हें शांति देता है।
स्कन्द पुराण में एक बेहद सुंदर कथा है:
जब भगवान श्री राम वनवास में थे, तब उन्होंने किसी और दिन या जगह को नहीं चुना। उन्होंने पिता राजा दशरथ की सटीक तिथि पर, उज्जैन के पवित्र शिप्रा तट पर अपने हाथों से तर्पण किया था। जब स्वयं भगवान ने तिथि और शिप्रा घाट की पवित्रता को सर्वोपरि माना, तो हमें भी इसका पालन जरूर करना चाहिए।
आपकी व्यस्तता आपकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन पितरों के प्रति कर्तव्य में कोई समझौता नहीं!
हम समझते हैं कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई उज्जैन नहीं पहुंच सकता। इसीलिए Vedic Temple Puja आपके परिवार की तरफ से इस जिम्मेदारी को पूरी पवित्रता के साथ निभाएगा। यहाँ सबसे जरूरी दो बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए:
यह कोई सामूहिक पूजा नहीं है:
हम भीड़ में या ग्रुप में पूजा नहीं करते। आपके पूर्वजों की जो तिथि है, उस दिन सिर्फ और सिर्फ आपके गोत्र और आपके पितरों के लिए अलग से, व्यक्तिगत पूजा होगी। यह पूर्ण रूप से आपके परिवार की अपनी पूजा होगी।
100% पारदर्शिता – सब कुछ आपके WhatsApp पर:
हमें पता है कि दूर बैठकर मन में शंका रहती है कि पूजा सही से हुई या नहीं। इसलिए, संकल्प लेने से लेकर, पूरे तर्पण और 3 ब्राह्मणों के भोजन कराने तक की पूरी विधि का वीडियो बनाकर हम सीधे आपके WhatsApp पर भेजेंगे। आप अपनी आँखों से सब कुछ देख पाएंगे, जैसे आप खुद वहाँ मौजूद हों।
यह पवित्र विधि कैसे संपन्न होगी?
1. आप अपनी तिथि बताएंगे: आप अपने पूर्वजों की तिथि और गोत्र हमारे साथ शेयर करेंगे।
2. शिप्रा घाट पर संकल्प: विद्वान वैदिक पंडितों द्वारा उज्जैन के उसी पावन तट पर आपके नाम से संकल्प लिया जाएगा
3. व्यक्तिगत तर्पण विधि: आपके पितरों के निमित्त पूरी श्रद्धा से जल और अन्न अर्पित किया जाएगा।4. ब्राह्मणों को भोजन: तर्पण के बाद, आपके पितरों की शांति के लिए 3 योग्य ब्राह्मणों को आदरपूर्वक भोजन कराया जाएगा और दक्षिणा दी जाएगी।
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स्थान: पवित्र शिप्रा घाट, उज्जैन
सेवा: व्यक्तिगत संपूर्ण तर्पण + ब्राह्मण भोजन + WhatsApp वीडियो प्रूफ
दक्षिणा: ₹ 2,500 (सभी सामग्री और ब्राह्मण दक्षिणा सहित, कोई छुपा हुआ शुल्क नहीं)
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पितृपक्ष का समय सीमित है पूर्वज आपकी राह देख रहे हैं
इस पितृपक्ष, अपने पूर्वजों को तृप्त कर उनका आशीर्वाद पाइए, ताकि आपके घर में सुख, समृद्धि और वंश की वृद्धि हो। एक संतान होने का अपना फर्ज निभाइए।