- 📍 माँ महिषासुर मर्दिनी शक्तिपीठ, काशी (वाराणसी)
- 🗓️ 25 अक्टूबर 2026
शरद पूर्णिमा महा अनुष्ठान
🛕 काशी शक्तिपीठ में 1000 कमल-गुलाब से माँ लक्ष्मी का सहस्रार्चन
₹751.00
- 🕉️🙏 350+ श्रद्धालु इस पूजा में शामिल हो चुके हैं
✨ क्या आप जानते हैं कि माता लक्ष्मी को अपने घर बुलाने का सबसे तुरंत असर करने वाला उपाय क्या है? 💰
🌕 शास्त्रों के अनुसार, शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) की रात साल का सबसे शक्तिशाली समय होता है, जब माँ लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी पर आकर सुख-समृद्धि बरसाती हैं। यह रात रातों-रात पैसों की तंगी और भारी कर्ज को मिटाने का सबसे अचूक समय माना जाता है। इस साल 25 अक्टूबर को इसी परम पावन शरद पूर्णिमा के अवसर पर, काशी के महा-जाग्रत ‘माँ महिषासुर मर्दिनी शक्तिपीठ’ में धन प्राप्ति का सबसे तीव्र अनुष्ठान होने जा रहा है। इस रात आपके नाम और गोत्र से माँ लक्ष्मी के 1000 गुप्त नामों का उच्चारण करते हुए, उन्हें प्रिय असली गुलाब और कमल के पुष्पों से विशेष सहस्रार्चन किया जाएगा! 🌹🪷🙏
🌙 शरद पूर्णिमा की रात का रहस्य और जाग्रत शक्तिपीठ 🛕
📜 शास्त्रों के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और आकाश से अमृत वर्षा होती है। इसी रात माँ लक्ष्मी भक्तों के कष्टों को दूर करने पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। जब यह अनुष्ठान काशी के एक जाग्रत मंदिर और सिद्ध शक्तिपीठ में होता है, तो ब्रह्मांडीय ऊर्जा के कारण इसका फल तुरंत और निश्चित मिलता है। 1000 कमल और गुलाब के फूलों से किया गया यह महा-अर्चन पुराने से पुराने भारी कर्ज और आर्थिक तंगी को मिटाने का सबसे अचूक उपाय है। 🌸💰
🚩 इस अनुष्ठान के विशेष लाभ:
- 💰 आर्थिक तंगी से मुक्ति: पुराने से पुराने कर्ज, व्यापारिक घाटे और आर्थिक तंगी से तुरंत राहत मिलती है।
- 📈 उन्नति के मार्ग: व्यापार में मनचाही तरक्की, नौकरी में वृद्धि और धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं।
- 🏡 स्थायी सुख-समृद्धि: घर में कलह-क्लेश का नाश होता है और माता लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
❓अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 🙏
🌕 इस अनुष्ठान को शरद पूर्णिमा के दिन कराने का क्या विशेष महत्व है? 🙏
उत्तर: शरद पूर्णिमा को ‘कोजागरी पूर्णिमा’ भी कहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस रात माँ लक्ष्मी जागते हुए भक्तों को धन का वरदान देती हैं। इस दिन किया गया सहस्रार्चन सीधे माँ लक्ष्मी को प्रसन्न कर दरिद्रता का नाश करता है। 🪔
🌹 गुलाब और कमल के फूलों से अर्चन क्यों किया जाता है? 🪷
उत्तर: कमल का फूल माता लक्ष्मी का सबसे प्रिय आसन और प्रतीक है। माँ के 1000 गुप्त और जाग्रत नामों का पाठ करते हुए एक-एक करके 1000 पुष्प अर्पित करने से घर में स्थायी धन-समृद्धि का वास होता है। 🙏
🏠 क्या मैं घर बैठे काशी के इस महा-अनुष्ठान से जुड़ सकता हूँ? 🌍
उत्तर: हाँ, आप देश-दुनिया में कहीं भी हों, Vedic Temple Puja के माध्यम से ऑनलाइन अपने नाम और गोत्र का संकल्प जुड़वाकर घर बैठे ही इस पाวน पूजा के मुख्य यजमान बन सकते हैं। 🙏
✨ इस पूजा से मुझे क्या लाभ मिलेगा? 💰
उत्तर: यह पूजा लक्ष्मी प्राप्ति का ‘Instant Remedy’ (तुरंत असर करने वाला उपाय) है। इससे व्यापारिक घाटा, नौकरी में आ रही रुकावटें और पुराने से पुराना भारी कर्ज पूरी तरह समाप्त हो जाता है। 🌺
📝 संकल्प बुकिंग के लिए मुझे क्या-क्या जानकारी देनी होगी? 🙏
उत्तर: आपको अपना नाम, माता-पिता या पति का नाम, अपना गोत्र और अपनी मुख्य आर्थिक समस्या की जानकारी देनी होगी, ताकि विद्वान ब्राह्मण आपका व्यक्तिगत संकल्प ले सकें। 🪔
📲 इस विशेष शरद पूर्णिमा पूजा को बुक करने की प्रक्रिया क्या है? 🔗
उत्तर: इस जाग्रत शक्तिपीठ में शरद पूर्णिमा के लिए सीमित संकल्प ही लिए जाएंगे। बिना समय गंवाए, अपनी पूजा तुरंत बुक करें! 🙏🌸