- 📍 क्षिप्रा घाट, उज्जैन
- 🗓️ 17 अगस्त 2026
कालसर्प दोष निवारण पूजा
₹509.00
क्या आपकी तरक्की का रास्ता बार-बार बदल जाता है?
सोते समय सांपों के डरावने सपने, गला घुटने जैसा एहसास, बनते काम का आखिरी समय पर बिगड़ जाना — यह कालसर्प दोष का संकेत हो सकता है। 17 अगस्त 2026 को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में, क्षिप्रा नदी के पावन तट पर आपके नाम-गोत्र से विशेष कालसर्प दोष निवारण पूजा होगी।
- करियर में मेहनत के बावजूद बार-बार असफलता मिलती है
- शादी में देरी, या घर में बिना वजह क्लेश बना रहता है
- रात को डरावने सपने और अनजाना भय घेरे रहता है
एक अदृश्य फंदा, जो जीवन को तबाह कर देता है
जब कुंडली के सारे ग्रह राहु और केतु के बीच फंस जाते हैं, तब कालसर्प दोष का निर्माण होता है — और यह जातक को जीवन के हर मोर्चे पर असफलता की गहरी खाई में धकेल देता है।
करियर का विनाश
मेहनत आपकी होती है लेकिन प्रमोशन किसी और का हो जाता है। व्यापार में लगातार घाटा और नौकरी छूटने का डर बना रहता है।
रिश्तों में कड़वाहट
शादी में बिना बात के देरी होती है। शादीशुदा जीवन में बिना किसी ठोस वजह के रोज झगड़े और अलगाव की नौबत आ जाती है।
अज्ञात भय
हर समय दिल में एक अनजाना डर बैठा रहता है। रात को डरावने सपने आते हैं और मानसिक डिप्रेशन का शिकार होना पड़ता है।
स्वास्थ्य व संतान बाधाएं
उपाय बेअसर होने लगते हैं, कोई न कोई गंभीर बीमारी घेरे रहती है और वंश आगे बढ़ाने में भारी बाधाएं आती हैं।
इस वर्ष नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ रही है — जो इसे अत्यंत दुर्लभ और सौ गुना अधिक फलदायी बनाता है। उज्जैन को अवंतिका तीर्थ कहा जाता है, जहाँ साक्षात महाकाल और माँ क्षिप्रा का वास है।
नाग पंचमी पर उज्जैन में ही क्यों होगा समाधान
व्यक्तिगत समर्पित पंडित जी
यहाँ कोई सामूहिक भीड़ वाली पूजा नहीं होगी। आपकी पूजा के लिए एक अलग, समर्पित पंडित जी नियुक्त किए जाएंगे जो सिर्फ आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेंगे।
चांदी के नाग का अर्पण
वैदिक परंपरा के अनुसार आपकी तरफ से पूजा में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाया जाएगा, जिसे बाद में पवित्र नदी में विसर्जित कर आपके दोष को विदा किया जाएगा।
घर बैठे लाइव जुड़ाव
आपको उज्जैन आने की कोई जरूरत नहीं है। आप दुनिया के किसी भी कोने से ऑनलाइन इस पूजा में शामिल हो सकते हैं।
पूजा की प्रामाणिक विधि और सामग्री
गणपति पूजन
निर्विघ्न कार्य सिद्धि के लिए सबसे पहले गणेश वंदना की जाती है।
नवग्रह और राहु-केतु शांति
राहु और केतु के क्रूर प्रभाव को शांत करने के लिए विशेष मंत्रों का 108 बार जाप होता है।
महाकाल व नागदेव अभिषेक
दूध, शहद और गंगाजल से महादेव और चांदी के नागों का महा-अभिषेक किया जाता है।
दोष विसर्जन हवन
यज्ञ कुंड में विशेष देवद्रव्य अर्पित करके जातक के जीवन से सारे संकटों को स्वाहा किया जाता है।
इस महा-अनुष्ठान से आपके जीवन में क्या बदलेगा
भाग्य का उदय
करियर और व्यापार में वर्षों से अटके हुए काम अचानक गति पकड़ने लगेंगे।
मानसिक आज़ादी
डरावने सपने और घबराहट गायब होंगे, आपको गहरी सुकून भरी नींद आएगी।
पारिवारिक खुशहाली
विवाह के मार्ग खुलेंगे और घर में सुख, शांति व लक्ष्मी का स्थाई वास होगा।
सुरक्षा कवच
दुर्घटनाओं का भय समाप्त होगा और चारों तरफ सकारात्मक सुरक्षा घेरा बनेगा।
पूरी पूजा, सामग्री और प्रसाद — एक ही दक्षिणा में
- व्यक्तिगत आचार्य द्वारा आपके नाम-गोत्र से संकल्प
- चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा, अर्पण व विसर्जन सहित
- क्षिप्रा तट पर संपूर्ण शास्त्रीय विधि व हवन सामग्री
- पूजा के फोटो-वीडियो व्हाट्सएप पर, सिद्ध कलावा और प्रसाद कूरियर से
पूजा, सामग्री व आचार्य शुल्क सहित — कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
अपनी सीट आज ही सुरक्षित करेंव्यक्तिगत पंडित जी की उपलब्धता सीमित है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस विशेष पूजा की कुल दक्षिणा कितनी है? +
क्या मुझे चांदी के नाग अलग से खरीदने होंगे? +
क्या ऑनलाइन पूजा सच में असर करती है? +
क्या पूजा के समय मेरा ऑनलाइन उपस्थित होना अनिवार्य है? +
पूजा पूरी होने के बाद मुझे क्या मिलेगा? +
क्या इस एक पूजा से कालसर्प दोष हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा? +
अपनी सीट सुरक्षित करें
17 अगस्त 2026 का यह महा-संयोग आपके जीवन को पूरी तरह बदलने की ताकत रखता है। बुकिंग के लिए कृपया नीचे दिया विवरण तैयार रखें।
- 1 जातक का पूरा नाम
- 2 पिता का नाम और गोत्र
- 3 जन्म तिथि, समय और जन्म स्थान
आज ही समाधान चुनिए
राहु-केतु के इस क्रूर चक्रव्यूह में अपनी जिंदगी को और मत बर्बाद होने दीजिए। व्यक्तिगत पंडित जी की उपलब्धता सीमित है।
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